Lucknow News :सजा से एक दिन पहले कैदी का शव जेल में लटका मिला, जेल प्रशासन का दावा- तनाव में दे दी जान – A Prisoner Commits Suicide In Lucknow District Jail.

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A prisoner commits suicide in Lucknow district jail.

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Social Media

विस्तार


लखनऊ में गोसाईंगंज जिला जेल में बंद कैदी उज्ज्वल भट्ट का शव सोमवार तड़के आइसोलेशन बैरक के जंगले में चादर के सहारे लटका मिला। जेल प्रशासन का दावा है कि कैदी ने फांसी लगाई है। बीते शनिवार को कोर्ट ने उसको हत्या के एक केस में दोषी करार दिया था और मंगलवार को सजा सुनाई जानी थी।

आलमबाग स्थित छोटा बरहा निवासी उज्ज्वल भट्ट (26) सर्किल संख्या-1 के संवेदनशील बैरक संख्या-12 में बंद था। सोमवार तड़के का कैदी बैरक के जंगले में बेडशीट के सहारे लटकता पाया गया। उसे फंदे से उतारकर जेल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर जेल प्रशासन से जुड़े अधिकारी और एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा जेल पहुंचे।

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दोषी ठहराए जाने के बाद से था तनाव में

जेलर केके दीक्षित ने बताया कि उज्ज्वल को हत्या के मामले में पुलिस ने 15 फरवरी 2019 को जेल भेजा था। हत्या और हत्या के प्रयास समेत सात केस दर्ज हैं। बीते शनिवार को कोर्ट ने हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में दोषी मानते हुए मंगलवार को सजा सुनाने के लिए कोर्ट बुलाया था। शनिवार शाम को कोर्ट से आने के बाद से ही वह सजा को लेकर तनाव में था। मंगलवार उसे कोर्ट में पेश होना था। इसी बीच उसने सोमवार को फांसी लगा ली।

वर्ष 2019 में की थी दिलीप कुमार की हत्या

कैदी उज्ज्वल और उसके दो साथियों आलमबाग आनंदनगर निवासी प्रचोतस दुबे और छोटा बरहा निवासी राहुल सिंह ने मिलकर 21 जनवरी 2019 को आलमबाग में रंजिश के चलते दिलीप कुमार नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रचोतस और राहुल जमानत पर थे। शनिवार को मामले में कोर्ट ने तीनों को दोषी ठहराया और फिर जमानत पर रिहा प्रचोतस दुबे और राहुल सिंह को भी कस्टडी में लेने का आदेश दिया। शनिवार को प्रचोतस और राहुल को कोर्ट से जिला जेल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

कैदियों की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन पर उठे सवाल

आइसोलेशन बैरक में कैदी ने फांसी लगा ली और किसी को भनक तक नहीं लगी। सवाल उठता है कि सुरक्षा में तैनात जेलकर्मियों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। घटना के वक्त सुरक्षाकर्मी कहां थे। उज्ज्वल ने बैरक के जिस जंगले में फांसी लगाई, उस तक वह कैसे पहुंचा। इस घटना के बाद कैदियों की सुरक्षा- व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में जांच कमेटी जल्द ही स्पष्ट करेगी कि आखिरी कैदी की मौत किन हालातों में और कैसे हुई।

कैदियों की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन पर उठे सवाल

जेल के आइसोलेशन बैरक में कैदी उज्जवल की मौत के बाद जेल प्रशासन पर सवाल उठने लगा है। बैरक में कैदी ने फांसी लगा ली और किसी को भनक तक नहीं लगी। सवाल उठता है कि सुरक्षा में तैनात जेलकर्मियों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। जिस वक्त यह घटना घटी सुरक्षाकर्मी कहां थे। उज्जवल ने बैरक के जिस जंगले में फांसी लगाई उस तक वह कैसे पहुंचा। इस घटना के बाद जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा- व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है। कैदी की मौत के मामले में जांच कमेटी जल्द ही जांच कर इस बात का स्पष्ट करेगी कि आखिरी कैदी की मौत किन हालात में और कैसे हुई।

 

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